कुंडेश्वर मंदिर एक अत्यंत प्राचीन मंदिर हे ,प्रारंभ यह स्थान अत्यनत दुर्गम था .प्राचीन कल में यह मनुष्य का कोई निवास नहीं था ,सिर्फ पशु और रक्क्ष्शो का हो निवास था ऐसा मन जाता हे की वानपुर नगरी में ,बाणासुर नाम का राक्षस रहता था ,जिसने शक्ति प्राप्त करने के लिए ,शिव तपस्या की ,शिव शंकर ने प्रसन्न हो कर दिव्या दर्शन दिए .तभी से ही यहाँ शिव , शिवलिंग के रूप में यहाँ विराजमान है .
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